दंतेवाड़ा। बस्तर पंडुम आयोजन को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। दंतेवाड़ा में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि आदिवासी संस्कृति और परंपरा के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, जबकि बस्तर के युवाओं को आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता है।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश संयुक्त महामंत्री छविंद्र कर्मा और शहर ब्लॉक अध्यक्ष सुमित्रा शोरी ने कहा कि हाल ही में बस्तर पंडुम से जुड़े प्रतिनिधियों को दिल्ली ले जाकर राष्ट्रपति से मुलाकात कराई गई। नेताओं ने कहा कि आदिवासियों को देश की राजधानी दिखाने या राष्ट्रपति से मिलवाने पर किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन इससे बस्तर के युवाओं की शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का समाधान नहीं होगा।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति और केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे के दौरान टेंट, कुर्सी, पंडाल और अन्य व्यवस्थाओं पर 6.14 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए। पार्टी का दावा है कि यदि यही राशि विकास कार्यों में लगाई जाती तो बस्तर में सड़क, पुल, पुलिया और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सकता था।
पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी बस्तर ओलंपिक और तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए सामग्री खरीदी में अनियमितताएं हुई थीं। साथ ही सरकार से बस्तर पंडुम आयोजन से जुड़े खर्च की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई।
नोट: यह समाचार कांग्रेस नेताओं द्वारा पत्रकार वार्ता में लगाए गए आरोपों और दावों पर आधारित है। इन आरोपों पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया आने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।


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