कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा। भारतीय महिला मुक्केबाज प्रीति पवार और जैस्मिन लैम्बोरिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीत लिया। दोनों खिलाड़ियों की इस जीत से पूरे देश में खुशी का माहौल है और भारत की पदक तालिका भी और मजबूत हुई है।
54 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में प्रीति पवार ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने अपने विरोधी को कोई बड़ा मौका नहीं दिया और पूरे मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा। दमदार पंच और बेहतरीन तकनीक के दम पर उन्होंने मुकाबला जीतकर भारत की झोली में गोल्ड डाल दिया।
इसके कुछ ही समय बाद 57 किलोग्राम वर्ग में जैस्मिन लैम्बोरिया भी रिंग में उतरीं। फाइनल मुकाबले में उन्होंने संयम और आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया। पूरे मुकाबले के दौरान उन्होंने शानदार डिफेंस और सटीक पंचों का प्रदर्शन किया, जिसके दम पर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
एक ही दिन मुक्केबाजी में भारत के खाते में आए ये दो गोल्ड देश के लिए बड़ी उपलब्धि माने जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और यह जीत उसी मेहनत का नतीजा है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि युवा खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में भी भारत के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे देश के नए खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी और भारतीय मुक्केबाजी को नई पहचान मिलेगी।
प्रीति पवार और जैस्मिन लैम्बोरिया की इस सफलता पर खेल प्रेमियों के साथ-साथ कई दिग्गज खिलाड़ियों और नेताओं ने भी उन्हें बधाई दी है। सोशल मीडिया पर दोनों खिलाड़ियों की जीत की खूब चर्चा हो रही है और लोग उन्हें भारत का गौरव बता रहे हैं।
भारत की इन दोनों बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर दुनिया के सबसे बड़े मंच पर भी तिरंगा बुलंद किया जा सकता है।

0 Comments