कर्राघाटी में तेंदुए की मौत बनी जांच का विषय
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के कर्राघाटी में एक मादा तेंदुए की रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई मौत ने वन विभाग को सतर्क कर दिया है। इससे पहले तेंदुए ने एक घर में घुसकर दो ग्रामीणों पर हमला किया था, जिसमें दोनों घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
अब वन विभाग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम, विसरा सुरक्षित रखना और जांच पूरी होने तक मौत के कारण पर कोई निष्कर्ष नहीं निकालना वन विभाग की सामान्य कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा होता है।
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की जानकारी मिलते ही वनमंडलाधिकारी (DFO) जाधव श्रीकृष्ण, एसडीओ संजय रौतिया, एसएस नाविक, रेंजर संदीप सोम, धीरेन्द्र साहू सहित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य भी एकत्र किए गए ताकि तेंदुए की मौत के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक तरीके से पता लगाया जा सके।
पोस्टमार्टम के बाद सुरक्षित रखा गया विसरा
वन विभाग के अनुसार मृत मादा तेंदुए का पोस्टमार्टम कराया गया है। साथ ही न्यायिक एवं वैज्ञानिक जांच के लिए उसका विसरा सुरक्षित रखा गया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वन्यजीव संरक्षण नियमों के अनुसार शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि तेंदुए की मौत किन परिस्थितियों में हुई। वास्तविक कारणों की पुष्टि केवल फॉरेंसिक और विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
जांच रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी संभावना पर आधिकारिक रूप से टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने और रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मादा तेंदुए की मौत प्राकृतिक कारणों, चोट या किसी अन्य वजह से हुई।
फिलहाल वन विभाग की टीम पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

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