छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें जमानत देने का आदेश जारी किया। कवासी लखमा पिछले 378 दिनों से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे।
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद ED ने उन्हें 7 दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ की। इसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया, जिसके बाद से वे लगातार रायपुर सेंट्रल जेल में बंद रहे।
करीब दो महीने पहले कांग्रेस पार्टी ने जेल में बंद कवासी लखमा के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए रायपुर के अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी आंखों का चेकअप हुआ। जांच पूरी होने के बाद उन्हें दोबारा सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
ED का आरोप है कि कवासी लखमा शराब सिंडिकेट के अहम सदस्य थे और उनके निर्देश पर यह सिंडिकेट काम करता था। एजेंसी का दावा है कि शराब नीति में बदलाव कर अवैध शराब कारोबार को बढ़ावा दिया गया।
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