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कोरबा में अवैध फ्लाई ऐश डंपिंग पर बड़ी कार्रवाई, NTPC पर 90 लाख की क्षतिपूर्ति

 

कोरबा में अवैध फ्लाई ऐश डंपिंग पर बड़ी कार्रवाई, NTPC पर 90 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अवैध फ्लाई ऐश डंपिंग के खिलाफ पर्यावरण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने देर रात ग्राम छुरीखुर्द में कार्रवाई करते हुए फ्लाई ऐश डंपिंग में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों को पकड़ा। विभाग के अनुसार, इन वाहनों में NTPC जमनीपाली के धनरास राखड़ बांध से फ्लाई ऐश लोड कर शासकीय भूमि पर डंपिंग की जा रही थी।

जिला पर्यावरण अधिकारी प्रसन्न सोनकर के नेतृत्व में पर्यावरण विभाग की टीम ने रात्रिकालीन गश्त के दौरान मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि फ्लाई ऐश को निर्धारित प्रक्रिया के बजाय शासकीय भूमि पर डंप किया जा रहा था।

NTPC पर 90 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति

मामले को गंभीरता से लेते हुए पर्यावरण विभाग ने NTPC लिमिटेड, जमनीपाली पर 90 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की है। यह कार्रवाई फ्लाई ऐश के कथित अवैध निस्तारण और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन को लेकर की गई है।

फ्लाई ऐश के प्रबंधन और उपयोग को लेकर केंद्र सरकार की ओर से भी निर्धारित नियम हैं। पर्यावरण मंत्रालय के रिकॉर्ड में Ash Utilisation Notification, 2021 दर्ज है। वहीं, विद्युत मंत्रालय के अनुसार सूखी फ्लाई ऐश को बंद बल्करों के माध्यम से सीमेंट संयंत्रों और ईंट निर्माण इकाइयों तक पहुंचाया जाता है, जबकि ऐश डाइक से राख के परिवहन के लिए पर्यावरण अनुकूल तरीके अपनाने का प्रावधान है।

रात में भी जारी रहेगी पर्यावरण विभाग की निगरानी

जिला पर्यावरण अधिकारी प्रसन्न सोनकर ने बताया कि अवैध फ्लाई ऐश डंपिंग के खिलाफ विभाग की रात्रिकालीन गश्त लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कोरबा पहले से ही औद्योगिक गतिविधियों और फ्लाई ऐश प्रबंधन को लेकर पर्यावरणीय दबाव वाले क्षेत्रों में चर्चा में रहा है। संसद में भी कोरबा क्षेत्र में फ्लाई ऐश और औद्योगिक अपशिष्ट से जुड़े प्रदूषण के मुद्दे उठ चुके हैं।

फिलहाल इस कार्रवाई के बाद यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि फ्लाई ऐश के सुरक्षित उपयोग और निर्धारित तरीके से परिवहन एवं निस्तारण पर प्रशासन की निगरानी बढ़ती दिखाई दे रही है।

नोट: 90 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति संबंधी जानकारी विभागीय कार्रवाई के तौर पर दी गई है। अंतिम आदेश/नोटिस की आधिकारिक प्रति उपलब्ध होने पर राशि और कार्रवाई की कानूनी धाराओं की अधिक सटीक जानकारी जोड़ी जा सकती है।

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