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भूपेश बघेल का बड़ा बयान: आचार्य युवराज पांडेय को राजनीति से दूर रहने की सलाह, बोले- धर्म और संस्कृति की सेवा सबसे बड़ा सम्मान

 

भूपेश बघेल का बड़ा बयान: 'आचार्य युवराज पांडेय को राजनीति में नहीं आना चाहिए, धर्म और संस्कृति की सेवा ही सबसे बड़ा सम्मान'

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गरियाबंद जिले के अमलीपदर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने आचार्य पंडित युवराज पांडेय के आमंत्रण पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने आचार्य युवराज पांडेय के संभावित राजनीतिक प्रवेश को लेकर अपनी स्पष्ट राय रखी।

भूपेश बघेल ने कहा कि धर्म और संस्कृति की सेवा करने वाले व्यक्तित्व समाज में पहले से ही सर्वोच्च सम्मान के अधिकारी होते हैं। ऐसे लोगों को राजनीति में आने की बजाय अपने मूल कार्य में ही आगे बढ़ना चाहिए।


'धार्मिक विभूतियों का सम्मान राजनीति से ऊपर'

मीडिया द्वारा जब आचार्य युवराज पांडेय के भविष्य में राजनीति में आने की संभावनाओं पर सवाल पूछा गया, तो पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को ऐसे संत, आचार्य और धार्मिक विद्वानों को उनके आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यों के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति समाज को जोड़ने का काम करते हैं, जबकि राजनीति का अपना अलग क्षेत्र और जिम्मेदारियां होती हैं। ऐसे में दोनों की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है।


अमलीपदर में भगवान जगन्नाथ के किए दर्शन

भूपेश बघेल ने अमलीपदर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से भी मुलाकात की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।


अन्य मुद्दों पर भी सरकार पर साधा निशाना

मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने केवल धार्मिक विषयों पर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के कई समसामयिक मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि—

  • सड़क हादसों की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं।
  • छात्रों से जुड़े हालिया घटनाक्रमों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।
  • सरकार को कानून-व्यवस्था और आम जनता की सुरक्षा पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
  • धार्मिक एवं सामाजिक व्यक्तित्वों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है।

हालांकि इन विषयों पर उन्होंने विस्तृत टिप्पणी नहीं की, लेकिन राज्य सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग जरूर की।

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