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दंतेवाड़ा में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन: माना नकटी बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ भारी बारिश में सीएम का पुतला दहन

 दंतेवाड़ा, 03 जुलाई। रायपुर के माना स्थित ग्राम नकटी में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी (MLA कॉलोनी) के लिए की गई कथित बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थानीय राजीव भवन से रैली निकालकर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष शकील मोहम्मद रिज़वी ने किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान तेज बारिश के बावजूद कार्यकर्ता प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी देखने को मिली, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा।

कांग्रेस का आरोप है कि रायपुर के माना स्थित ग्राम नकटी में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के निर्माण के लिए 80 से अधिक गरीब परिवारों के मकानों को तोड़ा गया। पार्टी का दावा है कि इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने कुछ मकान भी शामिल हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बारिश के मौसम में लोगों को बेघर करना पूरी तरह अमानवीय और गरीब विरोधी कदम है।


जिला कांग्रेस अध्यक्ष शकील मोहम्मद रिज़वी ने कहा कि राज्य सरकार गरीबों के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों का आशियाना उजड़ा है, कांग्रेस उनके साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।

जिला पंचायत सदस्य सुलोचना कर्मा ने कहा कि बारिश के मौसम में गरीब परिवारों को बेघर करना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। वहीं ब्लॉक अध्यक्ष सुमित्रा सौरी ने कहा कि सरकार को लोगों के सिर पर छत उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना चाहिए, लेकिन इसके विपरीत उनके घर उजाड़े जा रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

प्रदर्शन में पूर्व विधायक देवती महेंद्र कर्मा, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता, जिला महामंत्री मनीष भट्टाचार्य, विमल सलाम, प्रवीण राणा, गीदम ब्लॉक अध्यक्ष अनील कर्मा, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष गणेश दुर्गा, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष वेदांत पांडे सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हालांकि, इस मामले पर राज्य सरकार या प्रशासन की ओर से इस प्रेस नोट के जारी होने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि प्रशासन का पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।


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