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एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की धमक: पुतिन के साथ 'कार डिप्लोमेसी'

किर्गिस्तान में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय कूटनीति का एक बेहद मजबूत और दिलचस्प रूप देखने को मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वैश्विक मंच पर अपनी खास शैली से एक बार फिर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। सम्मेलन के इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी 'कार डिप्लोमेसी' और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ गर्मजोशी से हाथ मिलाने की तस्वीरों ने वैश्विक राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बीच पड़ोसी देश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भारतीय प्रधानमंत्री से सिर्फ मायूसी ही हाथ लगी।

पुतिन के साथ 'कार डिप्लोमेसी' और दुनिया को मजबूत संदेश

शिखर सम्मेलन के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच दिखी शानदार केमिस्ट्री की हो रही है। दोनों नेताओं के बीच बेहद अनौपचारिक और दोस्ताना माहौल में बातचीत हुई। इसे कूटनीतिक जानकार 'कार डिप्लोमेसी' का नाम दे रहे हैं। औपचारिक बैठकों के दायरे से बाहर निकलकर, एक ही गाड़ी में सफर करते हुए दोनों नेताओं ने जिस तरह गंभीर मुद्दों पर चर्चा की, वह भारत और रूस के अटूट रिश्तों की गहराई को दिखाता है। पश्चिमी देशों के तमाम भू-राजनीतिक दबावों के बीच इस मुलाकात ने दुनिया को साफ संदेश दे दिया है कि नई दिल्ली और मॉस्को के ऐतिहासिक रिश्ते बेहद मजबूत और अडिग हैं।

शहबाज शरीफ को सताती रही अनदेखी, जिनपिंग के साथ आगे बढ़ी बात

शिखर सम्मेलन के मंच से एक और ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने हर किसी का ध्यान खींचा। एक अनौपचारिक मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हाथ मिलाया और उनके बीच कुछ बातचीत भी हुई। लेकिन ठीक इसी समय, कूटनीति का एक कड़ा संदेश भी देखने को मिला। शी जिनपिंग के ठीक पास खड़े पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पीएम मोदी ने पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। मोदी ने उनकी तरफ देखा तक नहीं और आगे बढ़ गए। कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत ने अपने इस रुख से एक बार फिर साफ कर दिया है कि जब तक सीमा पार से जारी आतंकवाद पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक पाकिस्तान के साथ बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है।

आर्मेनिया के प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय मुलाकात और एससीओ का एजेंडा

शिखर सम्मेलन के व्यस्त कार्यक्रम के बीच पीएम मोदी ने कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें भी की हैं। इसी कड़ी में उन्होंने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान के साथ एक बेहद सार्थक मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और ऐतिहासिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने पर चर्चा हुई।

शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन आज पीएम मोदी मुख्य सत्र को संबोधित करने वाले हैं, जहां वे आतंकवाद, क्षेत्रीय सुरक्षा और कनेक्टिविटी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट करेंगे। इसके साथ ही, आने वाले समय में पीएम मोदी ईरान के राष्ट्रपति समेत कई अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ भी द्विपक्षीय बातचीत कर सकते हैं। कुल मिलाकर, इस सम्मेलन ने एक बार फिर साबित किया है कि वैश्विक मंच पर भारत की कूटनीतिक धमक लगातार बढ़ रही है।

स्रोत: ShubhCG News Desk

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