पड़ोसी देश नेपाल इस समय सदी की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। भारी बारिश, बाढ़ और विनाशकारी भूस्खलन ने पूरे देश में हाहाकार मचा रखा है। तबाही का मंजर ऐसा है कि अब तक 950 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 4,000 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में सबसे बड़ी चुनौती मलबे और पानी से भरी सुरंगों में फंसे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की बनी हुई है।
सुरंगों में थमी सांसें: रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी सेना और राहत टीमें
नेपाल के कई पहाड़ी इलाकों में बनी सुरंगों में 900 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू टीमें दिन-रात मौत से जंग लड़ रही हैं। काठमांडू को जोड़ने वाले मुख्य राजमार्गों पर भूस्खलन के कारण भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया है, जिससे कई गाड़ियां सुरंगों के भीतर ही फंस गईं। सोशल मीडिया पर एक सुरंग का दिल दहला देने वाला वीडियो भी सामने आया है, जहां 93 लोग फंसे हुए थे। इन लोगों को बचाने के लिए सेना और स्थानीय प्रशासन मलबे को हटाने और सुरंग के भीतर ऑक्सीजन की सप्लाई बनाए रखने के लिए लगातार मशक्कत कर रहे हैं। हालांकि, लगातार खराब हो रहा मौसम और दुर्गम रास्ते इस काम में बड़ी बाधा बन रहे हैं।
तबाही का खौफनाक मंजर: एक ही घर से मिले 24 शव
इस प्राकृतिक आपदा की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राहत और बचाव कार्य के दौरान एक ही घर से 24 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। इस घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। जैसे-जैसे बाढ़ का पानी उतर रहा है, कीचड़ और मलबे से शवों के मिलने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। अपने खोए हुए परिजनों की तलाश में लोग बेबस होकर यहां-वहां भटक रहे हैं। इस बीच, पड़ोसी देश भारत भी इस संकट की घड़ी में नजर बनाए हुए है। भारतीय एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से अब तक नेपाल में फंसे 158 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
नदियों के किनारे शवों का ढेर, मंडरा रहा है महामारी का खतरा
बाढ़ और भूस्खलन के बाद अब नेपाल पर एक और बड़ी मुसीबत का साया मंडरा रहा है। उफनती नदियों के किनारों पर जगह-जगह शव पड़े मिले हैं, जिससे प्रभावित इलाकों में दुर्गंध और प्रदूषण फैल रहा है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति को जल्द नहीं संभाला गया, तो क्षेत्र में हैजा और टाइफाइड जैसी जलजनित महामारियां फैल सकती हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों ने अलर्ट जारी कर दिया है। फिलहाल प्रभावित इलाकों में साफ पानी और जरूरी दवाइयां पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, ताकि जिंदा बचे लोगों को इस नए खतरे से बचाया जा सके।
स्रोत: ShubhCG News Desk
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